प्यार व रिश्ते
क्षणिकाएं
शर्त
रिश्ता दोस्ती का हो....
या प्यार का ...!
रिश्ते में कभी....
किसी भी तरह की....
कोई भी शर्त....
नहीं होनी चाहिए...!!
झूठ की नींव
जब भी किसी....
नए रिश्ते की शुरुआत करें....!
सच के साथ रिश्ता स्वीकार करें ......!
झूठ की नींव पर.....
महल खड़े नहीं किए जाते .....!!
सच्चे साथी
अपने हों या पराये....
दोस्त हों या रिश्तेदार....
जो संकट में आपका साथ दें....!
या आपके काम आयें ....
वही आपके सच्चे साथी हैं.....¡
प्यार
कोई पौधा हो...
या कोई रिश्ता बाबू....!
प्यार से सींचने पर.....
उसमें जान आ ही जाती है.....!!
बेपनाह
ये ज़रूरी तो नहीं.....
कि जिसे तुम....
बेपनाह प्यार करते हो... !
वो भी तुम्हें उतना ही प्यार करेगा....!!
नया दौर
नए युग का.....
बदलता हुआ नया दौर है साहिब...!
बदलाव के साथ...
बदलना ही लाज़मी है....!!!
रिश्ते
अपने रिश्ते की...
खामियां...
किसी और को न बतायें....
रिश्ता नाज़ुक होता है....!
समय की बात है....
अपने साथी को समझ......
रिश्ते की नींव को.....
गहरा करें....!!
अहसास
समय समय पर प्यार का
अहसास.....
दिलाते रहना तुम ....!
यही तो है...
जो रिश्ते की उम्र बढ़ा...
मज़बूत बना देता है....!!
आज़ादी
तुम अपने प्यार को ....
खुला आसमान दो....
आज़ादी दो....!
वो सिर्फ़ तुम्हारा है....
वो लौटकर ....
तुम्हारे पास ही आयेगा...!!
ईमानदार
एक दूसरे के प्रति....
ईमानदार रहना ही...!
तुम्हारे...
प्यार को एक....
ऊँचा मुकाम देता है...!!
विश्वास
एक दूसरे को समझें....
विश्वास रखें...!
तुम्हारे बीच कोई भी....!
तीसरा व्यक्ति....
फूट नहीं डाल पाएगा...!!
खुलकर
अपने रिश्ते को...
मज़बूत बनाने ....
और गहरा बनाने के लिए ....!
एक दूसरे से .....
खुलकर बात करनी चाहिए ...!!
डर
यदि तुम पूर्ण रूप से ...
सच्चे हो...!
तो आपको बिना डरे....
अपनी आवाज़ उठानी चाहिए....!
डर कर ......
चुप नहीं रहना चाहिए...!!
प्यार की बारिश
आपने जिस रिश्ते की.....
पौध लगाई है....!
उस रिश्ते को अपने....
प्यार की बारिश से सींचकर....
दिल से निभाना चाहिए...!!
माफ़ी
अपने प्यार भरे रिश्ते को.....
बचाने के लिए....
माफ़ी से बड़ा कोई.....
अन्य अमूल्य यन्त्र नहीं है....!
माफ़ी मांगने से...
तुम्हारा सिंहासन ऊंचा उठ जाएगा....!
और तुम पर सदा....
रब की कृपा बरसेगी.....!
एक दूसरे से....
माफ़ी मांग लेनी चाहिए....!!!
© Dr Pratibha 'Mahi' Panchkula
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