कर्मयोगी बनो...!

आओ साथी कदम बढ़ाओ....!! 
आओ मिलकर वचन उठाओ.....!!
कर्मयोगी बनो...!
कर्मयोगी बनो...! 

जागृत हो कर्तव्य निभाओ....
देश समाज को स्वस्थ बनाओ....!
नकारात्मकता से बचकर...
सकारात्मकता अपनाओ....!
आओ साथी कदम बढ़ाओ....!! 
आओ मिलकर वचन उठाओ.....!!
कर्मयोगी बनो...!
कर्मयोगी बनो...! 

सेवा भाव समर्थन कर तुम... 
परोपकार कर मान बढा़ओ....!
खिल जायेगा अंतस मन फिर...
सच्चे दिल से फर्ज निभाओ....!
आओ साथी कदम बढ़ाओ...!!
आओ मिलकर वचन उठाओ.....!!
कर्मयोगी बनो...!
कर्मयोगी बनो...! 

© Dr. Pratibha 'Mahi' Panchkula
International poetess

Comments

Popular posts from this blog

बोलो क्या सुनना चाहते हो तुम...? जो तुम कहदो वही सुनाऊं...!!! 21/03/2025

पुण्यश्लोक मातोश्रीअहिल्या बाईं होल्कर

भारत माँ की, बेटी हूँ मैं, याद दिलाने आई हूँ ।