पागल दीवानी 【33】

पागल दीवानी

हूँ ग़ज़लों की मलिका-औ-गीतों की रानी
फिजाओं ने लिक्खी अज़ब इक कहानी 
न जाने खुदा ने गढ़ा कैसे मुझको 
पढूँ भारी सब पर मैं पागल दीवानी

© डॉ० प्रतिभा "माही"

Comments

Popular posts from this blog

बोलो क्या सुनना चाहते हो तुम...? जो तुम कहदो वही सुनाऊं...!!! 21/03/2025

पुण्यश्लोक मातोश्रीअहिल्या बाईं होल्कर

भारत माँ की, बेटी हूँ मैं, याद दिलाने आई हूँ ।